रविवार, 23 अगस्त 2026·
लॉगिन

विद्रोही आनंद

सत्य • निष्पक्षता • जनहित

ताज़ा अपडेट

मौसम विभाग की चेतावनी - 20 राज्यों में भारी बारिश, पंजाब के पटियाला में रेड अलर्ट - AI जनरेटेड ग्राफिक
राष्ट्रीय

मौसम विभाग की चेतावनी: 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पंजाब के पटियाला में रेड अलर्ट

गॉल टेस्ट में भारत की शानदार जीत, श्रीलंका को 165 रन से हराया - सांकेतिक चित्र 1
खेल

गॉल टेस्ट में भारत की शानदार जीत, श्रीलंका को 165 रन से हराया

RBI गवर्नर - महंगाई और कमज़ोर मानसून पर सतर्कता, आर्थिक इन्फोग्राफिक
बिजनेस

आरबीआई गवर्नर ने महंगाई और कमज़ोर मानसून को लेकर जताई सतर्कता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता - दिल्ली नेक्स्ट पहल
राज्य / शहर

दिल्ली में 'दिल्ली नेक्स्ट' पहल शुरू, तकनीक से सुलझेंगी जलभराव और ट्रैफिक जैसी समस्याएं

अगस्त 2026 में रिलीज़ होंगी ये बड़ी बॉलीवुड फिल्में - सांकेतिक चित्र 1
मनोरंजन

अगस्त 2026 में रिलीज़ होंगी ये बड़ी बॉलीवुड फिल्में

मनोरंजन

जुलाई 2026 का बॉक्स ऑफिस: धमाल 4 सबसे आगे, कुल कलेक्शन में बड़ी गिरावट

राज्य / शहर

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, सेना और वायुसेना ने चलाया राहत अभियान

क्राइम

सुप्रीम कोर्ट ने 1988 के हत्या मामले में बरी किए जाने के फैसले को बहाल किया

बिजनेस

सरकार ने 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को दी मंजूरी

राष्ट्रीय

नीट पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा

मनोरंजन

कान फिल्म महोत्सव 2026 में भारतीय सिनेमा की व्यापक मौजूदगी

हिंदी के साथ-साथ पंजाबी, मराठी, गुजराती और मलयालम सिनेमा के कलाकारों ने भी कान के लाल कालीन पर हिस्सा लिया।

विद्रोही आनंद डेस्क

कान फिल्म महोत्सव का 2026 संस्करण 12 से 23 मई तक फ्रांस में आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय सिनेमा जगत की मौजूदगी सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई क्षेत्रीय भाषाओं के कलाकारों ने भी लाल कालीन पर हिस्सा लिया।

ऐश्वर्या राय बच्चन एक बार फिर लोरियल पेरिस की वैश्विक एंबेसडर के तौर पर महोत्सव में शामिल हुईं, जो कान में उनकी लंबे समय से चली आ रही मौजूदगी को आगे बढ़ाता रहा। उनके साथ आलिया भट्ट, फिल्मकार करण जौहर, तारा सुतारिया, मौनी रॉय और पूजा बत्रा जैसे कलाकार भी कान पहुंचे।

पंजाबी सिनेमा के लिए यह मौका खास रहा, जब अभिनेता अम्मी विर्क और अभिनेत्री रूपी गिल अपनी फिल्म "चढ़दीकला" के साथ पहली बार कान के लाल कालीन पर पहुंचे। वहीं मराठी सिनेमा की ओर से वरिष्ठ कलाकार अशोक सराफ, निवेदिता सराफ, अभिनेत्री प्राजक्ता माली और निर्माता केदार जोशी ने पारंपरिक परिधानों में शिरकत की।

गुजराती सिनेमा का प्रतिनिधित्व अभिनेत्री-निर्माता मानसी पारेख और गायक-निर्माता पार्थिव गोहिल ने किया, जबकि मलयालम फिल्मकार चिदंबरम ने कान मार्केट में अपनी फिल्म "बालन: द बॉय" प्रदर्शित की। इस तरह इस बार कान में भारत की मौजूदगी कई भाषाओं और क्षेत्रों तक फैली नज़र आई।

भारत के आधिकारिक शिष्टमंडल में फिल्मकार आशुतोष गोवारिकर भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के निदेशक की हैसियत से शामिल हुए। फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार कान में भारत की मौजूदगी एक उद्योग के बजाय कई क्षेत्रीय सिनेमाई परंपराओं के समूह के तौर पर सामने आई, जो भारतीय सिनेमा की विविधता को वैश्विक मंच पर बेहतर तरीके से दर्शाती है।

शेयर करें:WhatsAppXInstagram Stories