दिल्ली में घने कोहरे, कड़ाके की ठंड और गंभीर वायु प्रदूषण की तिहरी मार
जनवरी के मध्य में राजधानी का एक्यूआई गंभीर श्रेणी के करीब पहुंचा, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया।
जनवरी 2026 के मध्य में दिल्ली-एनसीआर घने कोहरे, कड़ाके की ठंड और गंभीर होते वायु प्रदूषण की तिहरी मार झेलता रहा। 17 जनवरी की रात 8 बजे तक शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 428 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने इस बढ़ोतरी के पीछे पश्चिमी विक्षोभ, प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों और हवा की गति में कमी को कारण बताया, जिसकी वजह से प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा होते रहे। इसके बाद आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण के तहत निर्माण कार्यों पर रोक, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर पाबंदी और औद्योगिक उत्सर्जन की सख्त निगरानी के आदेश दिए।
इसी दौरान शहर में घना कोहरा भी छाया रहा, जिससे सुबह के समय कई इलाकों में दृश्यता घटकर करीब 200 मीटर तक रह गई। 12 जनवरी को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के सामान्य स्तर से काफी नीचे था।
मौसम विभाग के अनुसार हवा की धीमी गति, अधिक नमी और तापमान के व्युत्क्रमण के चलते प्रदूषक तत्व सतह के पास ही जमा हो गए। सुबह के समय नमी का स्तर करीब 100 प्रतिशत तक पहुंचने से कोहरा और घना हुआ, जिससे प्रदूषण के छंटने की रफ्तार भी धीमी पड़ गई।
मौसम की इस तिहरी मार का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ा, कई उड़ानों और ट्रेनों के परिचालन में देरी की खबरें सामने आईं। प्रशासन ने नागरिकों के लिए एहतियाती सलाह जारी करते हुए बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को घर के भीतर रहने की सलाह दी।
विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली में हर साल सर्दियों के मौसम में इस तरह की स्थिति बनना एक बार-बार होने वाली चुनौती बन चुकी है, जिसके स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक नीतिगत उपायों की जरूरत बताई जा रही है।
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