महालक्ष्मी रेसकोर्स पुनर्विकास योजना पर वास्तुकारों और नगर नियोजकों ने जताई आपत्ति
मुंबई में प्रस्तावित सेंट्रल पार्क परियोजना को लेकर 100 से अधिक वास्तुकारों और शहरी योजनाकारों ने सार्वजनिक अपील जारी कर पर्यावरण और खुले स्थान से जुड़ी चिंताएं जताई हैं।
मुंबई की महालक्ष्मी रेसकोर्स भूमि पर प्रस्तावित सेंट्रल पार्क परियोजना को लेकर शहर के वास्तुकारों और नगर नियोजकों ने आपत्ति जताई है। अप्रैल में 102 डिज़ाइन और योजना विशेषज्ञों ने इस पुनर्विकास योजना के खिलाफ एक सार्वजनिक अपील जारी की।
यह परियोजना पिछले साल दिसंबर में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रस्तावित की थी। योजना के तहत करीब 295 एकड़ में फैला एक सेंट्रल पार्क बनाया जाना है, जिसमें सैर और जॉगिंग ट्रैक के साथ-साथ करीब 10 लाख वर्ग फुट में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक भूमिगत खेल परिसर भी शामिल होगा।
योजना के अनुसार वर्ली और हाजी अली इलाके के पास कोस्टल रोड की करीब 175 एकड़ पुनः प्राप्त भूमि को भी रेसकोर्स की ज़मीन के साथ जोड़ा जाना प्रस्तावित है, ताकि पूरे क्षेत्र को एक बड़े हरित परिसर के रूप में विकसित किया जा सके।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार इस परियोजना को मुंबई को एक 'भविष्य के लिए तैयार शहर' बनाने की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है, और इसे शहर में बड़े खुले हरित क्षेत्र के निर्माण के तौर पर पेश कर रही है।
हालांकि वास्तुकारों और शहरी योजनाकारों के एक बड़े वर्ग का कहना है कि इस तरह के बड़े पुनर्विकास से पर्यावरण पर असर पड़ सकता है और शहर में पहले से सीमित उपलब्ध खुले सार्वजनिक स्थान में और कमी आ सकती है। अपील में शामिल विशेषज्ञों ने पारदर्शी सार्वजनिक परामर्श की भी मांग की है।
फिलहाल परियोजना को लेकर राज्य सरकार और आलोचकों के बीच यह बहस जारी है, और आने वाले समय में योजना के अंतिम स्वरूप को लेकर और स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है।
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