गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026·
लॉगिन

विद्रोही आनंद

सत्य • निष्पक्षता • जनहित

ब्रेकिंग
दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सख्त कर दी गई है। DMRC ने प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए। जानिए पूरी गाइड और ट्रैफिक एडवाइजरी।दिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन: सुरक्षा के चलते 200 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबितलखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक संपन्न: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहरलखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्तामेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्यदिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सख्त कर दी गई है। DMRC ने प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए। जानिए पूरी गाइड और ट्रैफिक एडवाइजरी।दिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन: सुरक्षा के चलते 200 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबितलखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक संपन्न: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहरलखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्तामेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्य

ताज़ा अपडेट

1
राष्ट्रीय

दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सख्त कर दी गई है। DMRC ने प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए। जानिए पूरी गाइड और ट्रैफिक एडवाइजरी।

1
राष्ट्रीय

दिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन: सुरक्षा के चलते 200 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित

1
राष्ट्रीय

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक संपन्न: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

1
राष्ट्रीय

लखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

1
राष्ट्रीय

मेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्य

1
राष्ट्रीय

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, राजकीय सम्मान के साथ पुणे के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

1
राष्ट्रीय

भारतीय रिज़र्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी के बाद आम आदमी को झटका: होम लोन और ऑटो लोन की EMI बढ़ने के आसार

1
राष्ट्रीय

सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी, वेतनमान को लेकर 22 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी धरने का ऐलान

1
राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की तैयारी, विधानसभा में पेश होगा नया विधेयक

1
अंतरराष्ट्रीय

रसायन विज्ञान (Chemistry) के नोबेल पुरस्कार 2026 का ऐलान: फ्रांस के हेनरी बी कागन और जापान के केंसो सोई को मिलेगा संयुक्त सम्मान

राजनीति

संसद का मानसून सत्र शुरू, सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश संख्या सहित कई विधेयकों पर होगी चर्चा

20 जुलाई से शुरू हुए सत्र में कई अहम विधेयक पेश किए जाएंगे, विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा उठाने की तैयारी की है।

विद्रोही आनंद डेस्क

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो गया, जो 13 अगस्त तक चलेगा। यह 18वीं लोकसभा का आठवां सत्र है और इस दौरान कुल 19 बैठकें होने की योजना है।

सरकार ने इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की योजना बनाई है। इनमें सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या मौजूदा 33 से बढ़ाकर 37 करने से जुड़ा विधेयक शामिल है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश की गिनती अलग से की जाती है।

इसके अलावा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को मिलाकर एक ही उच्च शिक्षा नियामक आयोग बनाने से जुड़ा विधेयक भी विचार और पारण के लिए सूचीबद्ध है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से जुड़े भुगतान में देरी रोकने के मकसद से एक संशोधन विधेयक भी इस सत्र में पेश किया जाना है।

विपक्ष ने इस सत्र में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े मुद्दे और लोक पदाधिकारियों को लेकर प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन को प्रमुखता से उठाने की तैयारी की है। कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि रक्षा मंत्री ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैनिकों की क्षति को लेकर गुमराह करने वाला बयान दिया था।

संसदीय शोध संस्थान पीआरएस इंडिया के मुताबिक, सत्र की शुरुआत में सरकार के पास पहले से लंबित 28 विधेयकों के अलावा सात प्राथमिकता वाले विधेयक हैं, जिनमें से पांच पूरी तरह नए हैं।

आगामी हफ्तों में इन विधेयकों पर दोनों सदनों में चर्चा होने की उम्मीद है, जबकि विपक्षी दलों ने राजनीतिक और संसदीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

शेयर करें:WhatsAppXInstagram Stories