दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से 6 की मौत, 11 बचाए गए
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने के बाद राहत-बचाव अभियान जारी है। MCD ने पास की जर्जर इमारत खाली कराकर सील कर दी है।

दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को ढही पांच मंजिला इमारत के हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसे के बाद इलाके में प्रशासन और बचाव एजेंसियों की टीमें लगातार तैनात हैं। यह इमारत दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में स्थित थी और इसमें छात्रों के लिए पीजी आवास चलता था। हादसे के बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की दो टीमें और डॉग स्क्वॉड भी अभियान में लगाए गए।

बेसमेंट में मरम्मत के दौरान ढहने की आशंका
प्रारंभिक जांच में इमारत के बेसमेंट में चल रहे काम और वहां पानी जमा होने को संभावित कारणों में शामिल किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार पुराने ढांचे में मरम्मत कार्य के साथ बेसमेंट में पानी जमा होने से इमारत की संरचना कमजोर हुई हो सकती है। हालांकि, मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, इमारत में एक पिलर के अस्थिर होने से ढांचे पर दबाव बढ़ा और इसके बाद पूरी इमारत गिर गई। हादसे की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण और मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
पड़ोसी इमारत भी जर्जर, MCD ने की सील
हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। MCD ने ढही इमारत से सटी एक जर्जर इमारत को खाली करा दिया है। इस इमारत में लड़कियों का पीजी चल रहा था। वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजने के बाद इमारत को सील कर दिया गया है और उसे गिराने की तैयारी की जा रही है।
MCD के अधिकारियों के अनुसार, ढही इमारत खुद भी निर्धारित निर्माण नियमों का उल्लंघन करती थी। करीब 55 वर्ग गज के प्लॉट पर बनी इस इमारत को केवल ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल तक निर्माण की अनुमति थी, लेकिन वहां इससे अधिक मंजिलें बनाई गई थीं।
मालिक के खिलाफ कार्रवाई, इमारतों का होगा ऑडिट
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित MCD अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने खतरनाक इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए हैं।
प्रशासन ने आसपास के पीजी और अन्य भवनों की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन या भवन की खतरनाक स्थिति सामने आएगी, वहां कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैफिक पर भी असर
बचाव अभियान के चलते सत्य निकेतन और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से हादसे वाली जगह के आसपास जाने, वाहन खड़े करने या भीड़ लगाने से बचने की अपील की है, ताकि एंबुलेंस और राहत-बचाव वाहनों को रास्ता मिल सके।
फिलहाल मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश का अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता राहत-बचाव कार्य पूरा करने के साथ-साथ आसपास की इमारतों को सुरक्षित करना और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच करना है।




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