रविवार, 11 अक्टूबर 2026·
लॉगिन

विद्रोही आनंद

सत्य • निष्पक्षता • जनहित

ब्रेकिंग
दिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन: सुरक्षा के चलते 200 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबितलखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक संपन्न: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहरलखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्तामेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्यदिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, राजकीय सम्मान के साथ पुणे के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कारदिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन: सुरक्षा के चलते 200 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबितलखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक संपन्न: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहरलखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्तामेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्यदिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, राजकीय सम्मान के साथ पुणे के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

ताज़ा अपडेट

1
राष्ट्रीय

दिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन: सुरक्षा के चलते 200 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित

1
राष्ट्रीय

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक संपन्न: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

1
राष्ट्रीय

लखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

1
राष्ट्रीय

मेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्य

1
राष्ट्रीय

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, राजकीय सम्मान के साथ पुणे के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

1
राष्ट्रीय

भारतीय रिज़र्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी के बाद आम आदमी को झटका: होम लोन और ऑटो लोन की EMI बढ़ने के आसार

1
राष्ट्रीय

सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी, वेतनमान को लेकर 22 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी धरने का ऐलान

1
राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की तैयारी, विधानसभा में पेश होगा नया विधेयक

1
अंतरराष्ट्रीय

रसायन विज्ञान (Chemistry) के नोबेल पुरस्कार 2026 का ऐलान: फ्रांस के हेनरी बी कागन और जापान के केंसो सोई को मिलेगा संयुक्त सम्मान

1
राष्ट्रीय

चुनाव आयोग की बड़ी पहल: 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष एनरोलमेंट ड्राइव' की शुरुआत, नए मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे

राष्ट्रीय

देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह में 13% का उछाल, खजाने में आए ₹12.12 लाख करोड़

वित्त वर्ष 2024-25 में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन बढ़कर 12.12 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर को दर्शाता है यह आंकड़ा।

विद्रोही आनंद डेस्क
image 1

नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चालू वित्त वर्ष से बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। देश के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह (Net Direct Tax Collection) में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत से अधिक की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की समीक्षाधीन अवधि में देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के महत्वपूर्ण आंकड़े को पार कर गया है।

कर संग्रह में हुई यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी न केवल देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी को दर्शाती है, बल्कि यह इस बात का भी प्रत्यक्ष प्रमाण है कि कॉर्पोरेट क्षेत्र, व्यक्तिगत आय स्तर और कर अनुपालन (Tax Compliance) में निरंतर सुधार हो रहा है।

कर संग्रह के प्रमुख आंकड़े और विभाजन

वित्त मंत्रालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा साझा किए गए विस्तृत विवरण के अनुसार, इस अवधि में कुल (Gross) और शुद्ध (Net) दोनों ही स्तरों पर प्रत्यक्ष कर संग्रह में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है:

  1. कॉर्पोरेट टैक्स (Corporate Tax): देश में व्यावसायिक गतिविधियों, औद्योगिक उत्पादन और सेवा क्षेत्र के विस्तार के चलते कंपनियों द्वारा चुकाए जाने वाले कॉर्पोरेट टैक्स में भारी बढ़ोतरी हुई है। देश की प्रमुख और मझोली कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि के कारण advance tax भुगतान भी मजबूत रहा है।

  2. व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax - PIT): कॉर्पोरेट टैक्स के साथ-साथ व्यक्तिगत आयकर संग्रह में भी तेजी आई है। रोजगार के नए अवसरों के सृजन, वेतन वृद्धि और डिजिटल भुगतान प्रणाली (Digital Payment Ecosystem) के व्यापक प्रसार के कारण व्यक्तिगत करदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

  3. सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT): भारतीय शेयर बाजार में घरेलू और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) की अभूतपूर्व भागीदारी के कारण एसटीटी (STT) से मिलने वाले राजस्व में भी भारी उछाल देखने को मिला है।

13% वृद्धि के पीछे के मुख्य कारण

आर्थिक विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में 13% की यह ठोस वृद्धि कई अंतर्निहित आर्थिक कारकों का परिणाम है:

1. मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक बुनियादी ढांचा (Robust Macroeconomic Fundamentals)

विश्व स्तर पर चल रही आर्थिक सुस्ती और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है। देश की विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Services) क्षेत्र की गतिविधियों में निरंतर विस्तार देखा जा रहा है।

2. कर सुधार और डिजिटल तकनीक का उपयोग (Tax Reforms & Digitization)

आयकर विभाग द्वारा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा बढ़ाने से कर चोरी पर नकेल कसी गई है। 'वार्षिक सूचना विवरण' (AIS) और 'करदाता सूचना सारांश' (TIS) जैसे डिजिटल उपकरणों ने कर प्रक्रियाओं को अत्यधिक पारदर्शी और सरल बना दिया है। इसके परिणामस्वरूप, करदाताओं के लिए अपनी सटीक आय घोषित करना और समय पर कर चुकाना आसान हो गया है।

3. अग्रिम कर (Advance Tax) की बेहतर वसूली

वित्त वर्ष की विभिन्न तिमाहियों के दौरान कंपनियों और उच्च आय वाले व्यक्तियों द्वारा दिए जाने वाले एडवांस टैक्स में भारी तेजी आई है। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय कंपनियों का बैलेंस शीट मजबूत है और उनकी आय प्रत्याशा काफी सकारात्मक है।

4. औपचारिक अर्थव्यवस्था का विस्तार (Formalization of Economy)

जीएसटी (GST) के सफल कार्यान्वयन और यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों के व्यापक प्रसार से भारतीय अर्थव्यवस्था का औपचारीकरण (Formalization) तेजी से हुआ है। गैर-संगठित क्षेत्र के संगठित क्षेत्र में शामिल होने से कर आधार (Tax Base) का दायरा लगातार चौड़ा हो रहा है।

अर्थव्यवस्था और सरकारी योजनाओं पर प्रभाव

प्रत्यक्ष कर संग्रह में यह अभूतपूर्व वृद्धि भारत सरकार के वित्तीय प्रबंधन और भावी नीतियों के लिए कई मोर्चों पर बेहद मददगार साबित होगी:

  • राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) पर नियंत्रण: कर राजस्व में बढ़ोतरी से सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे सरकार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों या घरेलू बैंकों से अत्यधिक कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

  • बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का विकास: सरकारी खजाने में अधिक पूंजी आने से रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्गों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) बढ़ने से रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।

  • सामाजिक कल्याण योजनाएं (Social Welfare Schemes): मजबूत राजस्व संग्रह से सरकार को पीएम किसान, आयुष्मान भारत, ग्रामीण आवास और अन्य कल्याणकारी पहलों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।

  • मुद्रास्फीति (Inflation) पर नियंत्रण: राजकोषीय स्थिति मजबूत होने से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और सरकार के पास महंगाई को नियंत्रित करने के लिए मौद्रिक नीति में बेहतर संतुलन बनाने का अवसर होगा।

विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संदेश देता है कि भारत का उपभोक्ता बाजार मजबूत स्थिति में है।

अर्थशास्त्रियों के अनुसार: "₹12.12 लाख करोड़ का आंकड़ा महज एक संख्या नहीं है, बल्कि यह भारतीय व्यापार जगत के आत्मविश्वास और करदाताओं के भरोसे का प्रतीक है। प्रत्यक्ष करों का बढ़ता अनुपात यह दर्शाता है कि हमारी कर प्रणाली अधिक न्यायसंगत और पारदर्शी हो रही है, जहां प्रत्यक्ष करों का योगदान अप्रत्यक्ष करों की तुलना में संतुलित हो रहा है।"

निष्कर्ष

चालू वित्त वर्ष में 13% की दर से बढ़कर ₹12.12 लाख करोड़ के पार पहुंचा नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भारतीय अर्थव्यवस्था की दृढ़ता और गतिशीलता को रेखांकित करता है। जैसे-जैसे देश 'विकसित भारत' के संकल्प की ओर आगे बढ़ रहा है, वित्तीय संसाधनों की यह मजबूती देश की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगी। आगामी तिमाहियों में त्योहारों के सीजन और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी के चलते कर संग्रह के इन आंकड़ों में और अधिक सुधार होने की पूरी संभावना है।

image  2
image  3
image  4
image 5
शेयर करें:WhatsAppXInstagram Stories