चुनाव आयोग की बड़ी पहल: 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष एनरोलमेंट ड्राइव' की शुरुआत, नए मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे
विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग (ECI) ने 20 राज्यों और यूटी में नए पात्र युवाओं और छूट गए नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

चुनाव आयोग की बड़ी घोषणा: 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष एनरोलमेंट ड्राइव' शुरू, हर पात्र नागरिक का नाम जोड़ने पर जोर
नई दिल्ली:
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश भर में मतदाता सूचियों को अधिक समावेशी, सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, आयोग ने आज से देश के 20 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में 'विशेष एनरोलमेंट ड्राइव' (Special Enrollment Drive) की औपचारिक शुरुआत की है।
इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए युवाओं, समाज के वंचित वर्गों, ट्रांसजेंडरों, और SIR प्रक्रिया के दौरान छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना है।
क्या है 'स्पेशल एनरोलमेंट ड्राइव' और इसके मुख्य बिंदु?
चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, यह विशेष अभियान अगले कुछ हफ्तों तक निरंतर संचालित किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर विशेष शिविरों और ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से पंजीकरण सेवाएं प्रदान की जाएंगी:
विशेष बूथ स्तरीय शिविर: संबंधित राज्यों के सभी मतदान केंद्रों (Polling Booths) पर सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) फॉर्म-6 (नया पंजीकरण), फॉर्म-7 (नाम हटवाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) के साथ उपस्थित रहेंगे।
युवाओं पर विशेष ध्यान: 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा अग्रिम रूप से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
डिजिटल और ऑनलाइन सुविधाएं: आयोग के 'Voter Helpline App' और राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (NVSP) के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन की सुविधा को और सरल बनाया गया है।
SIR प्रक्रिया के बाद क्यों आवश्यक था यह अभियान?
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि SIR प्रक्रिया के दौरान दोहरे (Duplicate) और स्थानांतरित या मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। अब यह सुनिश्चित करना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि कोई भी वैध और पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।
विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों, बहुमंजिला सोसायटियों, और शैक्षणिक संस्थानों (कॉलेजों व विश्वविद्यालयों) में विशेष शिविर लगाकर युवाओं को मतदाता पहचान पत्र (Voter Card) बनवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पारदर्शिता और जन-जागरूकता पर जोर
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से भी अनुरोध किया है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को इस विशेष अभियान में सक्रिय करें ताकि प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे।
इसके साथ ही, राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय भाषा में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएं ताकि ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों के नागरिक भी समय रहते अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकें।




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