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मौसम विभाग का अलर्ट: यूपी समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी, जारी हुआ येलो-ऑरेंज अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण मौसम में आया अचानक बदलाव; यूपी, बिहार, दिल्ली-एनसीआर और पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटों तक तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश के आसार।

विद्रोही आनंद डेस्क
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मौसम विभाग का अलर्ट: यूपी समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी, जानिए अपने राज्य का हाल

नई दिल्ली / लखनऊ:

देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के 15 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे नए मौसमी तंत्र (Cyclonic Circulation & Low-Pressure Area) के चलते मानसूनी और पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियां एक साथ सक्रिय हो गई हैं।

इस बदलाव के कारण देश के मैदानी इलाकों में जहाँ तेज आंधी और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं किसानों और आम जनजीवन के लिए कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

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उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने राज्य के लगभग 40 से अधिक जिलों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट जारी किया है।

  1. पूर्वी उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, और अयोध्या जैसे जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तटीय और तराई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है।

  2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: मेरठ, आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, और नोएडा में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों तक रुक-रुक कर बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी।

दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों का हाल

राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में भी आसमान में घने बादल छाए हुए हैं।

  • दिल्ली-एनसीआर: तेज रफ्तार हवाओं और बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार देखा गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली के निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है और यात्रियों को संभलकर सफर करने की सलाह दी है।

  • बिहार और झारखंड: बिहार के पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में भारी बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी है। नेपाल से सटे तराई क्षेत्रों में नदियां उफान पर आ सकती हैं, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति की निगरानी की जा रही है।

  • पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश): उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और नैनीताल जिलों में भूस्खलन (Landslides) और बादल फटने जैसी घटनाओं की आशंका के चलते प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। पर्यटकों को संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर यात्रा टालने की सलाह दी गई है।

मौसम में बदलाव के मुख्य कारण

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में दो मुख्य मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं:

  1. साइक्लोनिक सर्कुलेशन: बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बना चक्रवातीय दबाव का क्षेत्र लगातार मध्य और उत्तर भारत की ओर नमी वाली हवाएं भेज रहा है।

  2. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ): उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मैदानी इलाकों में हवा का दबाव कम हुआ है, जिससे आंधी और तेज गरज के साथ बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं।

प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी व एडवाइजरी

मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDMA) ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं:

  • वज्रपात से बचाव: आंधी और बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। पक्के मकानों में रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें।

  • यातायात सुरक्षा: बारिश के कारण विजिबिलिटी कम होने और सड़कों पर फिसलन होने से वाहन धीमी गति से चलाएं। जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें।

  • किसानों के लिए सलाह: कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं और खेतों में पानी के उचित निकास का प्रबंध रखें ताकि तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान न पहुंचे।

निष्कर्ष

मौसम में आया यह बदलाव एक तरफ जहां लोगों को उमस और तापमान से बड़ी राहत दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ आंधी, बिजली गिरने और जलभराव जैसी चुनौतियों को भी बढ़ा रहा है। मौसम विभाग की सलाह है कि नागरिक स्थानीय मौसम अलर्ट्स पर ध्यान दें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

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