जुलाई में भारत का सकल GST संग्रह ₹2.11 लाख करोड़ के पार, 15.4% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में देश का कुल जीएसटी संग्रह रिकॉर्ड ₹2.11 लाख करोड़ पहुंच गया है, जो देश में मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर कर अनुपालन को दर्शाता है।

जुलाई में भारत का सकल GST संग्रह ₹2.11 लाख करोड़ के पार: 15.4% की भारी बढ़ोतरी, मजबूत आर्थिक गतिविधियों का संकेत
नई दिल्ली:
देश की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में भारत का सकल माल एवं सेवा कर (Gross GST) संग्रह 15.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ ₹2.11 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है। यह उछाल घरेलू मांग में निरंतर तेजी, त्योहारी सीजन से पहले की व्यापारिक हलचल और टैक्स इंटेलिजेंस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

जीएसटी संग्रह में ऐतिहासिक उछाल के मुख्य आंकड़े
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई महीने के कर संग्रह में सभी प्रमुख घटकों—केंद्रीय जीएसटी (CGST), राज्य जीएसटी (SGST), एकीकृत जीएसटी (IGST) और उपकर (Cess)—में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है:
सकल संग्रह (Gross Collection): जुलाई में कुल ₹2,11,400 करोड़ से अधिक का जीएसटी संग्रह हुआ।
वार्षिक वृद्धि दर (YoY Growth): पिछले वर्ष की समान अवधि (जुलाई) की तुलना में इसमें 15.4% की सीधी बढ़ोतरी हुई है।
घरेलू व आयात राजस्व: घरेलू लेन-देन से प्राप्त जीएसटी राजस्व में 14% से अधिक की वृद्धि देखी गई, जबकि वस्तुओं के आयात से प्राप्त कर संग्रह में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
अर्थव्यवस्था की मजबूती और अनुपालन का असर
आर्थिक विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ₹2 लाख करोड़ से अधिक का लगातार मासिक जीएसटी कलेक्शन यह साबित करता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था महामारी और वैश्विक मंदी के दबाव से पूरी तरह बाहर निकलकर मजबूत गति से आगे बढ़ रही है।
उपभोग में वृद्धि: देश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपभोग (Consumption) और विनिर्माण (Manufacturing) गतिविधियों में लगातार सुधार हो रहा है।
डिजिटल अनुपालन और ई-वे बिल: सरकार द्वारा ई-इन्वॉयसिंग और ई-वे बिल प्रणाली को सख्ती से लागू करने से कर चोरी में भारी कमी आई है और कर आधार (Tax Base) का विस्तार हुआ है।
कॉर्पोरेट और सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन: सेवा क्षेत्र (Services Sector) और ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी (FMCG) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख उद्योगों में बिक्री में आई तेजी ने इस रिकॉर्ड राजस्व संग्रह में अहम योगदान दिया है।
राज्यों के राजस्व में भी सुधार
जीएसटी संग्रह में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा लाभ केंद्र के साथ-साथ राज्यों को भी मिला है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि नियमित निपटान (Regular Settlement) के बाद राज्यों को हस्तांतरित किए जाने वाले राजस्व में भी वृद्धि हुई है, जिससे राज्य सरकारों को अपने ढांचागत विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्रालय का अनुमान है कि आगामी आने वाले त्योहारी महीनों में व्यावसायिक गतिविधियों में और तेज़ी आएगी, जिससे चालू वित्त वर्ष के दौरान जीएसटी संग्रह का यह सकारात्मक रुख बना रहेगा।




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