लखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विपक्षी दलों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर नजर आया।

लखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन: सड़कों पर उतरे हजारों कार्यकर्ता, पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर आज विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट होकर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और 'INDIA' गठबंधन के घटक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर राज्यव्यापी विरोध मार्च निकाला और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
सड़कों पर गूंजे नारे, पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक
राजधानी के प्रमुख चौराहों और परिवर्तन चौक से लेकर विधानसभा व चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे।
बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल: पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की थी। जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स लांघकर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों के साथ उनकी तीखी झड़प और नोकझोंक हुई।
धारा 144 और हिरासत: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी (PAC) की कंपनियां तैनात की गईं। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा।
विपक्षी नेताओं के मुख्य आरोप और मांगें
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में धांधली: विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान चुनिंदा वर्गों के वोट काटे जा रहे हैं।
संवैधानिक मर्यादा का हनन: नेताओं ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन वर्तमान में चुनाव आयोग की नीतियां और फैसले पक्षपातपूर्ण नजर आ रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा: प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और मतदाता सूची संशोधन की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
प्रशासनिक सतर्कता और ट्रैफिक व्यवस्था
प्रदर्शन के चलते हजरतगंज, परिवर्तन चौक और विधानसभा मार्ग पर काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। लखनऊ पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था भंग करने या सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में हुए इस बड़े शक्ति प्रदर्शन ने प्रदेश के सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के आसार हैं।




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