बैंकों की 3-दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी; RBI के निर्देश पर रविवार को भी खुले रहे बैंक
हफ्ते में 5-डे बैंकिंग और पेंशन अपडेशन की मांगों को लेकर UFBU अड़ा; सोमवार से कामकाज ठप होने की आशंका के बीच आरबीआई ने रविवार को बैंक खोलने के दिए निर्देश।

नई दिल्ली:
देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज पर सोमवार से बड़ा असर पड़ने की आशंका है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा बुलाई गई तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए रविवार को भी सभी सरकारी बैंकों को खुला रखने का आदेश दिया।
रविवार को बैंक शाखाएं खुली रहने से आम नागरिकों और व्यापारियों को अपने जरूरी वित्तीय लेन-देन निपटाने का अवसर मिला, लेकिन सोमवार से शुरू हो रही हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं, चेक क्लीयरेंस और शाखा स्तर पर होने वाले कामकाज ठप रह सकते हैं।
क्यों हो रही है 3-दिवसीय हड़ताल?
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के नौ प्रमुख संगठनों के शीर्ष निकाय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने लंबे समय से लंबित अपनी मांगों को लेकर इस हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियनों की मुख्य मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:
5-दिवसीय बैंकिंग (5-Day Banking): सभी शनिवारों को आधिकारिक छुट्टी घोषित करते हुए सप्ताह में 5 दिन काम करने का नियम लागू करना।
पेंशन अपडेशन (Pension Upgradation): पुराने सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों की पेंशन में महंगाई और वेतन समझौतों के अनुसार सुधार और अपडेशन।
नई पेंशन योजना (NPS) का विरोध: एनपीएस को खत्म कर सभी बैंक कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना।
रिक्त पदों पर भर्ती: बैंकों में कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी को दूर करने के लिए तत्काल नई भर्तियां करना।
RBI के निर्देश और रविवार का हाल
सोमवार से लगातार तीन दिनों तक बैंकिंग सेवाएं बाधित रहने की चेतावनी के बाद, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रविवार को विशेष कार्य दिवस के रूप में बैंक खोलने का निर्देश दिया था।
रविवार को कई प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ और अहमदाबाद में सार्वजनिक क्षेत्र की शाखाएं खुली रहीं। हालांकि, रविवार होने और जागरूकता की कमी के कारण सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की संख्या कम देखी गई, लेकिन व्यापारियों और व्यावसायिक संस्थानों ने नकदी जमा करने तथा ड्राफ्ट से जुड़े काम निपटाए।
ग्राहकों पर कितना पड़ेगा असर?
हड़ताल के कारण भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) और केनरा बैंक समेत अन्य सार्वजनिक बैंकों की शाखाओं में कामकाज पूरी तरह प्रभावित होने की संभावना है।
चेक क्लीयरेंस: करोड़ों रुपये के चेक क्लीयरेंस अटक सकते हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा।
शाखा सेवाएं: पासबुक अपडेट, ड्राफ्ट निर्माण, ऋण स्वीकृति और काउंटर से नकदी लेनदेन की सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।
डिजिटल बैंकिंग एवं ATM: यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप सेवाएं सुचारू रूप से काम करती रहेंगी। हालांकि, अगर हड़ताल लंबी खिंचती है तो एटीएम में कैश लोड न होने से नकदी की किल्लत पैदा हो सकती है।
यूनियन प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रही है। यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




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