देशभर में मौसम का अलर्ट: 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 80 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और पंजाब सहित 23 राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

देशभर में मौसम का मिजाज बदला: 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश और तेज आंधी की चेतावनी, पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा
नई दिल्ली:
देश के बड़े हिस्से में मानसून और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम विभाग (IMD) ने व्यापक बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित कुल 23 राज्यों में मध्यम से भारी मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से आंधी-तूफान चलने की आशंका है।

मैदानी इलाकों में जनजीवन प्रभावित
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे यातायात बाधित हुआ है। उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों में रेड अलर्ट और भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की कड़ी चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड: चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथोरागढ़ जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर मलबे के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुल्लू और मनाली के आसपास नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। व्यास और सतलुज नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
प्रशासन की तैयारियां और एडवाइजरी
आपदा प्रबंधन टीमों (NDRF और SDRF) को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं:
बिना किसी आवश्यक कार्य के घर से बाहर न निकलें।
जलभराव वाले क्षेत्रों और कच्चे ढांचों के पास जाने से बचें।
पहाड़ों की यात्रा करने वाले पर्यटक मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
आंधी और बारिश के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण न लें।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी 48 से 72 घंटों तक देश के विभिन्न राज्यों में यह स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।




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