जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मैर्त्स की पहली भारत यात्रा, अहमदाबाद में हुई प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात
दोनों देशों ने रक्षा, तकनीक, कौशल विकास और अर्धचालक क्षेत्र सहित 19 समझौतों और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए।
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मैर्त्स ने 12 और 13 जनवरी 2026 को अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा की, जो एशिया की चांसलर के तौर पर उनकी पहली विदेश यात्रा भी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर मैर्त्स के बीच अहमदाबाद, गुजरात में प्रतिबंधित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई।
दोनों नेताओं की मौजूदगी में भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग, कौशल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान-तकनीक, अर्धचालक और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों से जुड़े कुल 19 समझौतों और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए।
साझा बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने नवंबर 2025 में नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय रक्षा समिति की बैठक के नतीजों का स्वागत किया और सैन्य स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, जिसमें नियमित सेवा वार्ता, नौसेनाओं के बीच पोत यात्राएं और संयुक्त अभ्यास शामिल हैं।
यह यात्रा भारत-जर्मनी सामरिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई। सरकार के अनुसार यह यात्रा यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देने के मकसद से की गई।
विदेश मामलों के जानकारों के अनुसार चांसलर मैर्त्स का यह दौरा दिल्ली की बजाय अहमदाबाद में होना भी उल्लेखनीय रहा, जिसे भारत की तरफ से राजधानी से इतर राज्यों में कूटनीतिक जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा गया।
दोनों देशों ने आने वाले महीनों में व्यापार, तकनीकी सहयोग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में समझौतों को अमल में लाने के लिए संयुक्त कार्यसमूह बनाने पर भी सहमति जताई।
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