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दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सख्त कर दी गई है। DMRC ने प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए। जानिए पूरी गाइड और ट्रैफिक एडवाइजरी।दिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन: सुरक्षा के चलते 200 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबितलखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक संपन्न: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहरलखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्तामेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्यदिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सख्त कर दी गई है। DMRC ने प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए। जानिए पूरी गाइड और ट्रैफिक एडवाइजरी।दिल्ली में भारी विरोध-प्रदर्शन: सुरक्षा के चलते 200 से अधिक ट्रेनें रद्द, कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबितलखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक संपन्न: इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहरलखनऊ में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का जोरदार शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे कार्यकर्तामेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्य

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प्रधानमंत्री मोदी की यूएई और नीदरलैंड यात्रा, रणनीतिक साझेदारी पर सहमति

छह दिवसीय यूरोप-खाड़ी दौरे के तहत प्रधानमंत्री ने यूएई और नीदरलैंड में शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर व्यापार व ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की।

विद्रोही आनंद डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई के बीच संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की छह दिवसीय यात्रा पर रहे। इस दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से हुई, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर ऊर्जा सहयोग सहित द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की यात्रा पर रहे। यह वर्ष 2017 के बाद नीदरलैंड की उनकी दूसरी यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भेंट की तथा डच प्रधानमंत्री रॉब येटन के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की।

नीदरलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने पर सहमति जताई। बातचीत में अर्धचालक उद्योग, व्यापार व निवेश, जल प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, प्रवासन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि में यूरोप के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने के मकसद से की गई थी। दौरे के अगले चरणों में प्रधानमंत्री स्वीडन में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के साथ-साथ नॉर्वे और इटली भी गए।

विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत देश खाड़ी और यूरोपीय देशों के साथ व्यापार, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग के मोर्चे पर संबंधों को अधिक संस्थागत रूप देना चाहता है। इसे आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक साझेदारियों के विस्तार की दिशा में अहम कदम बताया जा रहा है।

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