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क्राइम

'ऑपरेशन ऑक्टोपस': साइबर धोखाधड़ी के आरोप में 16 राज्यों से 117 गिरफ्तार

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस के अभियान में 78 प्राथमिकियां दर्ज हुईं और देशभर में 1,081 मामलों से जुड़े आरोपियों की पहचान हुई।

विद्रोही आनंद डेस्क

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने फरवरी में "ऑपरेशन ऑक्टोपस" नाम से चलाए गए विशेष अभियान के तहत देश के 16 राज्यों से 117 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक इस सिलसिले में 78 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध हैदराबाद में दर्ज 74 मामलों के अलावा देशभर में करीब 1,081 मामलों से भी है। पुलिस के अनुसार इन मामलों से जुड़े बैंक खातों में लगभग 139 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है।

पुलिस ने बताया कि पकड़े गए मामलों में सबसे ज़्यादा 63 मामले ट्रेडिंग और निवेश धोखाधड़ी से जुड़े थे, जबकि छह मामले डिजिटल अरेस्ट, चार मामले ओटीपी धोखाधड़ी और एक मामला सोशल मीडिया के ज़रिये हुई ठगी का था।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्रीनिवासुलु ने बताया कि ठग फर्जी विज्ञापनों के ज़रिये युवाओं को आसान पैसे और बोनस का लालच देकर जाल में फंसाते थे। पुलिस ने ऐसे 124 फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल की पहचान कर उन्हें हटवाया, जिनके ज़रिये अवैध गेमिंग के 539 विज्ञापन चलाए जा रहे थे।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से 36 लाख रुपये नकद, 211 मोबाइल फोन, 26 लैपटॉप, 141 सिम कार्ड और 54 डेबिट कार्ड सहित कई दस्तावेज़ बरामद किए। पुलिस ने पीड़ितों को 34.76 लाख रुपये वापस दिलाए, जबकि ज़ोनल साइबर सेल के ज़रिये अतिरिक्त राशि भी लौटाई गई।

इसके अलावा तलाशी के दौरान 115 चेकबुक, 152 पासबुक और कई कंपनियों के फर्ज़ी ट्रेड लाइसेंस, ऑडिट रिपोर्ट और लेजर भी बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर फर्ज़ी कंपनियां खड़ी करने में किया जा रहा था।

पुलिस के मुताबिक पीड़ितों की सहायता के लिए बनाए गए "सी-मित्र" हेल्पलाइन ने इस दौरान करीब 2,396 कॉल्स पर सहायता प्रदान की और 257 ज़ीरो एफआईआर दर्ज कीं। अधिकारियों ने नागरिकों से अनजान निवेश योजनाओं और ऑनलाइन गेमिंग विज्ञापनों से सतर्क रहने की अपील की है।

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